DELED PROMOTE LATEST NEWS 9 JUNE 2021

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यूजी-पीजी के विद्यार्थी प्रोन्नत, अंतिम वर्ष की होगी परीक्षा, पढ़ें खास निर्णय विस्तार से

लखनऊ : प्रदेश में कोरोना महामारी के कारण समस्त विश्वविद्यालय व डिग्री कालेजों में स्नातक (यूजी) व स्नातकोत्तर (पीजी) के अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ही आयोजित की जाएंगी। बाकी सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को प्रोन्नति देने के निर्देश दिए गए हैं। अंतिम वर्ष व सेमेस्टर की परीक्षाएं अगस्त के मध्य तक संपन्न करा ली जाएंगी और रिजल्ट भी 31 अगस्त तक घोषित कर दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के इस फैसले से करीब 41 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिल गई है। यूजी व पीजी में अंतिम वर्ष व अंतिम सेमेस्टर के सभी विषयों की परीक्षा में सिर्फ एक प्रश्नपत्र होगा और बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा का समय भी तीन घंटे की बजाए एक या डेढ़ घंटे होगा। ऐसे में पिछले वर्षो के मुकाबले प्रश्नपत्र में सवाल भी करीब 50 प्रतिशत ही होंगे।

उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि वह परीक्षा और प्रोन्नति दिए जाने की तैयारियां शीघ्र शुरू करें। इसके तहत जिन विश्वविद्यालयों में वार्षिक परीक्षा प्रणाली लागू है, वहां यूजी प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रोन्नत किए जाएंगे। जिन विवि में इस वर्ष यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हो पाई है, उनके छात्रों को द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाएगा तथा वर्ष 2022 में होने वाली द्वितीय वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर प्रथम वर्ष की परीक्षा के अंक निर्धारित किए जाएंगे।

जिन विश्वविद्यालयों में वर्ष 2020 में यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षा हुई थी, वहां द्वितीय वर्ष के छात्रों के अंक प्रथम वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर तय कर उन्हें तृतीय वर्ष में प्रोन्नति दे दी जाएगी। जिन विश्वविद्यालय में कोरोना के कारण यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षाएं वर्ष 2020 में नहीं हो पाईं थी और विद्यार्थियों को दूसरे वर्ष में प्रोन्नत कर दिया गया था, वहां छात्र द्वितीय वर्ष की परीक्षा देने के बाद ही तृतीय वर्ष में प्रोन्नत किए जाएंगे। इसी तरह पीजी के विद्यार्थी भी प्रोन्नत होंगे। दूसरी तरफ जिन संस्थानों में सेमेस्टर प्रणाली लागू है और वहां यूजी प्रथम व तृतीय (विषम) तथा पीजी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं हो चुकी हैं, वहां स्नातक द्वितीय सेमेस्टर व चतुर्थ (सम) सेमेस्टर तथा पीजी द्वितीय सेमेस्टर के अंक प्रथम व तृतीय सेमेस्टर तथा मिड टर्म परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन के अंकों के आधार आधार पर तय किए जाएंगे।

जहां विषम एवं सम सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं हुई हैं, वहां मिड टर्म व आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विषम सेमेस्टर व सम सेमेस्टर के अंकों के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। जो विद्यार्थी इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं, वह अगले वर्ष 2022 की बैक पेपर परीक्षा या वार्षिक परीक्षा में शामिल होकर अपने अंक सुधार सकेंगे। सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वह कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार ही परीक्षाएं कराएंगे।

परीक्षा से पहले अनिवार्य रूप से सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। 13 सितंबर से नया शैक्षिक सत्र शुरू होगा, ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों के बीच दो गज की दूरी होगी और छात्रों को दो मास्क लगाकर आना होगा। दैनिक जागरण ने ‘यूजी-पीजी के अंतिम वर्ष के छात्र देंगे परीक्षा, अन्य प्रोन्नत’ शीर्षक से दो जून के अंक में प्रथम पृष्ठ पर खबर प्रकाशित कर पहले ही विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दे दी थी।

खास निर्णय

’अगस्त के मध्य तक करानी होगी परीक्षा, 31 अगस्त तक रिजल्ट

’अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षा सिर्फ एक या डेढ़ घंटे की होगी

’प्रायोगिक परीक्षा के अंक लिखित परीक्षा के आधार पर होंगे तय

’पिछले वर्षो के मुकाबले प्रश्नपत्र में सिर्फ 50 प्रतिशत होंगे सवाल

’अंक सुधार के लिए छात्र अगले वर्ष होने वाली परीक्षा में बैठ सकेंगे

’विश्वविद्यालय व कालेज मौखिक परीक्षा आनलाइन करेंगे आयोजित

’13 सितंबर विश्वविद्यालय व कालेजों का नया सत्र होगा शुरू

डीएलएड 2019:- औसत अंक में अनुत्तीर्ण होने वालों को देनी पड़ सकती है परीक्षा

प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) 2019 का पेच सुलझने वाला है। जो प्रशिक्षु दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें पहले सेमेस्टर की पूरी परीक्षा और दूसरे सेमेस्टर के फेल विषयों में इम्तिहान देना पड़ सकता है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने निदेशक बेसिक शिक्षा को प्रस्ताव भेजा है।

कोरोना संक्रमण की पहली लहर में बेसिक शिक्षा विभाग ने शासनादेश जारी किया था कि डीएलएड प्रशिक्षुओं को अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा। 2019 बैच के वे प्रशिक्षु जो पहले सेमेस्टर में थे, उनकी सीधे दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा हुई। शासनादेश में कहा गया था कि दूसरे सेमेस्टर में उन्हें जो अंक प्राप्त होंगे, उसके औसत अंक उन्हें पहले सेमेस्टर में विषयवार दे दिए जाएंगे। दूसरे सेमेस्टर के इम्तिहान में करीब 1.7 लाख प्रशिक्षु थे, जिसमें से करीब एक लाख उत्तीर्ण होकर अब तीसरे सेमेस्टर में पहुंच चुके हैं, जबकि 70 हजार प्रशिक्षुओं का पेच फंसा था। वे कुछ विषयों में अनुत्तीर्ण थे। उन्हें औसत अंक देने पर भी वे पहले सेमेस्टर में उत्तीर्ण नहीं हो रहे हैं। इसलिए उन्हें अगले सेमेस्टर में भेजने का प्रकरण लटका था।

’>>दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में 70 हजार से अधिक हुए थे अनुत्तीर्ण

’ पहले व दूसरे सेमेस्टर में फेल विषयों में परीक्षा देने का प्रस्ताव

इम्तिहान देकर करना होगा पास

परीक्षा संस्था ने निदेशक को प्रस्ताव भेजा है कि जो प्रशिक्षु दूसरे सेमेस्टर में अनुत्तीर्ण हैं और औसत अंक मिलने पर भी उत्तीर्ण नहीं हो पा रहे हैं, उन्हें पहले सेमेस्टर की परीक्षा और दूसरे सेमेस्टर में फेल होने वाले विषयों का इम्तिहान देकर पास करना होगा, तब वे तीसरे सेमेस्टर में जा सकेंगे। कुछ ऐसे भी प्रशिक्षु हैं जो दूसरे सेमेस्टर में फेल हैं, लेकिन औसत अंक पाकर पहले सेमेस्टर में उत्तीर्ण हो रहे हैं। उन्हें केवल दूसरे सेमेस्टर में फेल विषय की ही परीक्षा पास करनी होगी। अब निर्देश मिलने के बाद इसका अनुपालन होगा।

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‘अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा व अन्य को जल्द दें प्रोन्नति’

लखनऊ : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को विश्वविद्यालयों में परीक्षा, नए शैक्षिक सत्र के शुभारंभ व शिक्षकों की भर्ती इत्यादि के मुद्दे पर कुलपतियों के साथ वचरुअल बैठक की। उन्होंने स्नातक व परास्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं कराने और बाकी कक्षाओं के विद्यार्थियों को शीघ्र प्रोन्नति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा बनाए गए फामरूले के आधार पर प्रोन्नति दी जाए और परीक्षाएं कराई जाएं। उच्च शिक्षा विभाग ने अंतिम वर्ष के छात्रों की 13 अगस्त तक परीक्षाएं कराने और बाकी कक्षाओं के विद्यार्थियों को प्रोन्नति देने का फामरूला तैयार किया है।

राज्यपाल ने जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए अभी से समय-सारिणी तैयार करने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि वह विद्यार्थियों की डिग्री डाक के माध्यम से घर पहुंचाने की व्यवस्था करें। राज्यपाल ने कुलपतियों को निर्देश दिए कि वह 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने और राज्य सरकार के वृहद पौधरोपण अभियान में बढ़चढ़कर हिस्सा लें।

यूपी बोर्ड के दसवीं, 12th छात्रों को प्रमोट करने के बाद डीएलएड छात्रों को प्रमोट करने की उम्मीद बढ़ी
अब तो जीत पक्की है

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Vinay Singh

DElEd Up BTC Math/English/Science PATHSHALA For TET/UPTET/CTET/SuperTET/Sahayak adhyapak ki taiyari Free Youtube Online Maths Classes daily.... Channel Owner ~~ "Vinay Singh" From U.P. : "New Delhi", "Raebareli, Uttar Pradesh"

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